Likhta Hai Woh Taqdeer
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📜 Lyrics
कैसे कोई जाने भला ख़्वाबों की ताबीर
आकाश पे बैठा हुआ लिखता है वो तक़दीर
कैसे कोई जाने भला ख़्वाबों की ताबीर
आकाश पे बैठा हुआ लिखता है वो तक़दीर
किस रंग से जाने बने जीवन की तस्वीर
आकाश पे बैठा हुआ लिखता है वो तक़दीर
जिसको ख़ुशी से जीना हो, ये बात वो जान ले
मर्ज़ी हो जो भगवान की हँस के उसे मान ले, मान ले
जिस से बने ग़म भी ख़ुशी है ये वही तदबीर
आकाश पे बैठा हुआ लिखता है वो तक़दीर
दो रोज़ की ये ज़िंदगी किस चीज़ का नाम है?
हर एक सुबह है बेख़बर, अनजान हर शाम है, शाम है
किसको पता टूटे कहाँ साँसों की ज़ंजीर
आकाश पे बैठा हुआ लिखता है वो तक़दीर
कैसे कोई जाने भला ख़्वाबों की ताबीर
आकाश पे बैठा हुआ लिखता है वो तक़दीर
आकाश पे बैठा हुआ लिखता है वो तक़दीर
कैसे कोई जाने भला ख़्वाबों की ताबीर
आकाश पे बैठा हुआ लिखता है वो तक़दीर
किस रंग से जाने बने जीवन की तस्वीर
आकाश पे बैठा हुआ लिखता है वो तक़दीर
जिसको ख़ुशी से जीना हो, ये बात वो जान ले
मर्ज़ी हो जो भगवान की हँस के उसे मान ले, मान ले
जिस से बने ग़म भी ख़ुशी है ये वही तदबीर
आकाश पे बैठा हुआ लिखता है वो तक़दीर
दो रोज़ की ये ज़िंदगी किस चीज़ का नाम है?
हर एक सुबह है बेख़बर, अनजान हर शाम है, शाम है
किसको पता टूटे कहाँ साँसों की ज़ंजीर
आकाश पे बैठा हुआ लिखता है वो तक़दीर
कैसे कोई जाने भला ख़्वाबों की ताबीर
आकाश पे बैठा हुआ लिखता है वो तक़दीर
⏱️ Synced Lyrics
[00:01.17] कैसे कोई जाने भला ख़्वाबों की ताबीर
[00:18.71] आकाश पे बैठा हुआ लिखता है वो तक़दीर
[00:31.17] कैसे कोई जाने भला ख़्वाबों की ताबीर
[00:42.33] आकाश पे बैठा हुआ लिखता है वो तक़दीर
[00:53.98] किस रंग से जाने बने जीवन की तस्वीर
[01:05.41] आकाश पे बैठा हुआ लिखता है वो तक़दीर
[01:16.74] जिसको ख़ुशी से जीना हो, ये बात वो जान ले
[01:28.02] मर्ज़ी हो जो भगवान की हँस के उसे मान ले, मान ले
[01:42.31] जिस से बने ग़म भी ख़ुशी है ये वही तदबीर
[01:53.96] आकाश पे बैठा हुआ लिखता है वो तक़दीर
[02:05.16]
[02:19.76] दो रोज़ की ये ज़िंदगी किस चीज़ का नाम है?
[02:31.05] हर एक सुबह है बेख़बर, अनजान हर शाम है, शाम है
[02:45.01] किसको पता टूटे कहाँ साँसों की ज़ंजीर
[02:56.77] आकाश पे बैठा हुआ लिखता है वो तक़दीर
[03:07.92] कैसे कोई जाने भला ख़्वाबों की ताबीर
[03:19.09] आकाश पे बैठा हुआ लिखता है वो तक़दीर
[03:28.93]
[00:18.71] आकाश पे बैठा हुआ लिखता है वो तक़दीर
[00:31.17] कैसे कोई जाने भला ख़्वाबों की ताबीर
[00:42.33] आकाश पे बैठा हुआ लिखता है वो तक़दीर
[00:53.98] किस रंग से जाने बने जीवन की तस्वीर
[01:05.41] आकाश पे बैठा हुआ लिखता है वो तक़दीर
[01:16.74] जिसको ख़ुशी से जीना हो, ये बात वो जान ले
[01:28.02] मर्ज़ी हो जो भगवान की हँस के उसे मान ले, मान ले
[01:42.31] जिस से बने ग़म भी ख़ुशी है ये वही तदबीर
[01:53.96] आकाश पे बैठा हुआ लिखता है वो तक़दीर
[02:05.16]
[02:19.76] दो रोज़ की ये ज़िंदगी किस चीज़ का नाम है?
[02:31.05] हर एक सुबह है बेख़बर, अनजान हर शाम है, शाम है
[02:45.01] किसको पता टूटे कहाँ साँसों की ज़ंजीर
[02:56.77] आकाश पे बैठा हुआ लिखता है वो तक़दीर
[03:07.92] कैसे कोई जाने भला ख़्वाबों की ताबीर
[03:19.09] आकाश पे बैठा हुआ लिखता है वो तक़दीर
[03:28.93]